नई दिल्ली। कर्नाटक की सियासत में हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस के दिग्गज नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के बेंगलुरु दौरे से पहले उपमुख्यमंत्री डीके शवकुमार के करीबी एक विधायक ने बड़ा दावा ठोक दिया है।
उन्होंने कहा कि करीब 100 विधायक चाहते हैं कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अब बदलाव हो। उनका इशारा साफ है कि मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हटाकर डीके शिवकुमार को कमान सौंपी जाए।
विधायक ने चेतावनी दी कि अगर अब बदलाव न हुआ, तो 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सत्ता खतरे में पड़ सकती है। कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने खुलकर डीके शिवकुमार का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा, “ये सिर्फ मेरी बात नहीं, 100 से ज्यादा विधायक बदलाव चाहते हैं। कई विधायक इस पल का इंतजार कर रहे हैं। वे अच्छे शासन की उम्मीद रखते हैं और मानते हैं कि डीके शिवकुमार को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत की है और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बनने के बाद से पार्टी की ताकत बढ़ाई है। उनके काम की वजह से लोग उनके साथ खड़े हैं।”
‘2028 में सत्ता से हाथ धोना पड़ सकता है’
इकबाल हुसैन ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा है कि वे सुरजेवाला से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री बदलने का मुद्दा जरूर उठाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, “अगर अब बदलाव नहीं हुआ, तो 2028 में कांग्रेस सत्ता में नहीं रह पाएगी। पार्टी के हित में ये बदलाव अभी जरूरी है।”
इससे पहले ऐसे कयासों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि मुख्यमंत्री का फैसला सिर्फ हाईकमान ले सकता है। इसपर इकबाल हुसैन ने कहा, “कांग्रेस में अनुशासन है, हम हाईकमान का सम्मान करते हैं, लेकिन हमें सच बोलना चाहिए।”
रणदीप सिंह सुरेजवाला कर्नाटक पहुंचे
वहीं कर्नाटक के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला कर्नाटक पहुंचे हुए हैं। हालांकि उन्होंने अपने दौरे को संगठनात्मक बताया है। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को कोरी कल्पना बताया है। उनका मंगलवार को लगातार दूसरे दिन राज्य के सत्तारूढ़ दल के विधायकों के साथ बैठकों का सिलसिला जारी रखा।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि विधायकों के साथ तीन दिनों तक चलने वाली अपनी आमने-सामने की बैठकों के पहले चरण के तहत, सुरजेवाला आज बेंगलुरु शहर, बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु दक्षिण, चामराजनगर, मैसूरु जिलों और दक्षिण कन्नड़ और कोलार के लगभग 20 विधायकों से मिलेंगे।
सुरजेवाला ने साफ किया कि उनके दौरे का मकसद सिर्फ पार्टी को मजबूत करना और विकास के कामों की समीक्षा करना है।