हिमाचल में 100 से कम विद्यार्थियों वाले कॉलेज होंगे बंद,टीचरों और स्टाफ का भी होगा ट्रांफसर; जानिए वजह
अधिकारियों ने तर्क दिया था कि कॉलेज में 500 छात्र संख्या होनी चाहिए। तभी वहां पर बीए, बीएससी, बीकॉम, बीवाक के अलावा अन्य प्रोफेशनल कोर्स चलाए जा सकते हैं। हालांकि 500 छात्र संख्या निर्धारित होने से प्रदेश में बहुत कॉलेज बंद हो जाएंगे। इसलिए पहले चरण में 100 छात्र संख्या निर्धारित की गई है।
पांच साल का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश
विभाग के ध्यान में आया है कि प्रदेश में कई कॉलेज ऐसे हैं जिनमें छात्र संख्या 50 तक भी है। कुछ में तो 15 से 18 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया है। रिपोर्ट में पहली अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 और शैक्षणिक सत्र 2024-25 तक कॉलेजों में हुए पंजीकरण की सूची विषयवार तैयार करने को कहा गया है।
विश्वविद्यालय का वार्षिक बजट 250 करोड़ रुपये करने का आग्रह
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर की अध्यक्षता में कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला।कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों व अन्य कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो वाइस चांसलर के कार्यालयों व कार्यकारी परिषद (ईसी) सदस्य हरीश जनार्था, सुरेश कुमार व केवल सिंह पठानिया को भी मांगपत्र सौंपा।
शिक्षा विभाग की कसरत, पास के कॉलेजों में स्थानांतरित होंगे विद्यार्थी
प्रदेश में 136 राजकीय और आठ संस्कृत कॉलेज हिमाचल में 136 राजकीय महाविद्यालय और आठ संस्कृत महाविद्यालय है। पूर्व में जब कांग्रेस सरकार थी उस समय सबसे ज्यादा 47 कॉलेज खोले गए थे। हालांकि जिन महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन कम था, उन्हें बंद कर दिया था।अब सरकार दोबारा से इनका युक्तीकरण करेगी। 100 से कम विद्यार्थियों वाले कॉलेजों पर सरकार जल्द निर्णय लेगी। बैठक में इस मामले पर चर्चा हुई है। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इसका पूरा प्रस्ताव तैयार करें। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि मामले को चर्चा के लिए कैबिनेट में भी रखा जाएगा।
