Thursday, July 7, 2022
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एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने बताए कोरोना की संभावित तीसरी लहर के कारण

देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसे लेकर विशेषज्ञ अलग-अलग दावे कर रहे हैं। एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि इम्युनिटी में कमी, इम्युनिटी शील्ड से बचने में सक्षम अधिक ट्रांसमिसिबल कोरोना वायरस वैरिएंट का उभरना और लॉकडाउन में ढील कोरोना की संभावित तीसरी लहर के संभावित कारण हो सकते हैं।

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर अलग-अलग अध्ययन

एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटाकाल जैसे शारीरिक दूरी बनाए रखने, मास्क का उपयोग करने और वैक्सीन लेने से तीसरी लहर को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न परिदृश्यों के तहत महामारी की संभावित तीसरी लहर के आकलन के लिए कई अध्ययन और मॉडलिंग किए गए हैं।

नए वैरिएंट सामने आने पर होगा उपलब्ध टीकों में बदलाव

उन्होंने कहा कि एक आइआइटी के ऐसे ही एक मॉडल से पता चलता है कि यदि सभी प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं और अगर कोई वायरस (वैरिएंट) भी इम्युनिटी से बचने में सक्षम है तो अगली लहर दूसरी लहर से बड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ पाबंदियां रखी जाती हैं और वायरस भी स्थिर रहता है तो मामले ज्यादा नहीं होंगे। अगर हम और पाबंदियां रखेंगे तो मामले और कम होंगे। गुलेरिया ने कहा कि नए वैरिएंट सामने आने पर उपलब्ध टीकों में बदलाव किया जा सकता है।

तीसरी लहर के कारण

गुलेरिया ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर दूसरे देशों में देखी जा रही है, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने में कमी आई है। यह दर्शाता है कि टीके काम कर रहे हैं। संभावित कारणों को सूचीबद्ध करते हुए जो कोरोना की तीसरी लहर को तेज कर सकते हैं गुलेरिया ने कहा कि इम्युनिटी में कमी जो पहले से एक्सपोज व्यक्तियों को एक अतिसंवेदनशील स्थिति में पुनर्स्थापित करता है। इम्युनिटी से बचने में सक्षम वायरस का एक नए अधिक संक्रमित वैरिएंट का उद्भव और वर्तमान लॉकडाउन में छूट संभावित कारण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पुतनिक वी के अलावा कई अन्य टीके पाइपलाइन में हैं।

 

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