हल्द्वानी में एशियाई कैडेट कप फेंसिंग टूर्नामेंट का आगाज, 190 खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे।
उत्तराखंड / हल्द्वानी :
हल्द्वानी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में शुक्रवार से एशियन कैडेट कप फेंसिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। चार दिन तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में भारत समेत 17 देशों के अंडर-17 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। एशियाई कैडेट कप में विभिन्न देशों से आए तलवारबाज दमखम दिखाने हल्द्वानी पहुंचे हैं। इस आयोजन की जिम्मेदारी भारतीय तलवारबाजी संघ ने संभाली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया और भारतीय तलवारबाजी संघ तथा खेल विभाग को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि तलवारबाजी भारत का पारंपरिक खेल है, जिसका उल्लेख हमारे शास्त्रों में भी मिलता है। रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फेंसिंग आज वैश्विक खेल के रूप में पहचान बना रहा है और भारतीय खिलाड़ी भी इसमें शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल उत्तराखंड की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं बल्कि खिलाड़ियों को भी बड़ा मंच उपलब्ध कराते हैं।
सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी के बाद अब उत्तराखंड ‘खेल भूमि’ के रूप में जाना जाने लगा है। इसी क्रम में हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
प्रतियोगिता में कुल 190 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 46 विदेशी और 144 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं। विदेशी दलों में 13 महिला और 33 पुरुष तलवारबाज पहुंचे हैं। मंगोलिया, ईरान, बहरीन, इराक, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, मलेशिया, फिलीपींस, उज्बेकिस्तान, थाईलैंड, ब्रुनेई दारुस्सलाम, ऑस्ट्रेलिया, तुर्कमेनिस्तान, लेबनान, ताजिकिस्तान और श्रीलंका के खिलाड़ी इसमें भाग ले रहे हैं।
यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन 22 सितंबर तक चलेगा। ऐसे खेल आयोजन न केवल युवा खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करते हैं बल्कि प्रदेश में खेलों की संस्कृति और पहचान को भी मजबूत करते हैं।
