Saturday, August 13, 2022
Home मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री चौहान कालबेलिया समुदाय के हस्त कौशल से हुए रूबरू

मुख्यमंत्री चौहान कालबेलिया समुदाय के हस्त कौशल से हुए रूबरू

फैशन डिजाइनर करेंगे कालबेलिया समाज द्वारा बनाए वस्त्रों की मार्केटिंग
मुख्यमंत्री चौहान ने जनजातीय संग्रहालय में निस्पंदन शिविर का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कालबेलिया समुदाय के हस्त कौशल पर आयोजित एकाग्र शिविर निस्पंदन का अवलोकन किया। जनजातीय संग्रहालय में आयोजित शिविर में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कालबेलिया समुदाय द्वारा निर्मित गुदड़ी, मनका आभूषण, कांच के कलात्मक कार्य, सुरमा निर्माण तथा देशज व्यंजनों का अवलोकन किया।

चिन्हारी सोविनियर शॉप पर उपलब्ध होंगे कालबेलिया समुदाय के उत्पाद

प्रमुख सचिव संस्कृति तथा जनसम्पर्क श्री शिव शेखर शुक्ला ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को अवगत कराया कि कालबेलिया समुदाय गुदड़ी के साथ अन्य वस्त्र बनाने में निपुण हैं। इस समुदाय द्वारा बनाये गये गुदड़ी तथा अन्य वस्त्रों की डिजाइनिंग के लिए फैशन डिजाइनर्स को समुदाय के कलाकारों को जोड़ा जाएगा। फैशन डिजाइनर्स के माध्यम से मार्केटिंग की गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। समुदाय की आय में वृद्धि के उद्देश्य से यह गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इनके उत्पादों की बिक्री मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय की चिन्हारी सोविनियर शॉप के माध्यम से भी की जाएगी।

मनका आभूषण, सुरमा बनाने में निपुण हैं कालबेलिया

साज-सज्जा सामग्री तथा जीवन की जरूरतों के लिए अन्य सामान जैसे मनका आभूषण, काँच पर कलात्मक कार्य, सुरमा, जड़ी-बुटी और पत्थर टांकने जैसे कार्य भी समुदाय द्वारा कलात्मक रूप से किये जाते हैं। इन उत्पादों को शिल्प कला के रूप में स्थापित करने और नगरीय समाज में इसे प्रचारित कर स्वीकार्य बनाने के लिए भी प्रयास आरंभ किये गये हैं। मध्यप्रदेश के कलाकारों को इन कार्यों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए राजस्थान से कालबेलिया समुदाय के ग्यारह कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। प्रथम कला शिविर में प्रदेश के 30 कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

3 सितम्बर 2021 तक जारी रहेगा कला शिविर 

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 30 घुमन्तु अर्द्धघुमन्तु और विमुक्त जातियाँ निवासरत हैं। इन जनजातियों की सांस्कृतिक परंपरा का अब तक किसी भी प्रकार का अध्ययन नहीं हुआ है। उनके कला वैशिष्ट का रेखांकन भी नहीं हुआ है। संस्कृति विभाग ने ऐसे समुदायों की कला और कलात्मक प्रतिभा को एक शिल्प परंपरा के रूप में स्थापित करने के लिए कार्य शुरू किया है। इन समुदायों की जातीय विशिष्टता के रूपाकारों को केन्द्र में रखकर कला शिविरों की एक श्रृंखला आरंभ की गई है। पहले शिविर के रूप में मध्यप्रदेश की कालबेलिया घुमन्तू  जनजाति की गुदड़ी निर्माण को रेखांकित करने के उद्देश्य से कला शिविर का आयोजन 25 अगस्त से आरंभ हुआ है, जो 3 सितम्बर 2021 तक जनजातीय संग्रहालय में जारी रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Post

17

16

15

14

13

12

11

10

9

8