कोहरे ने रफ्तार पर लगाया ब्रेक, कई फ्लाइट भी हुईं डायवर्ट, देखें लिस्ट
कई ट्रेनें चल रही लेट
वहीं, संरक्षा कार्य व अन्य परिचालन कारणों से कई ट्रेनें पहले से विलंब से चल रही थी। अब कोहरा का प्रकोप भी शुरू हो गया है, जिससे दृश्यता कम होने के कारण ट्रेनों की गति कम होने लगी है।
लंबी दूरी की कई ट्रेनें लेट
बता दें कि बुधवार को लंबी दूरी की कई ट्रेनों के साथ ही लोकल ट्रेनें भी विलंब से अपने गंतव्य पर पहुंची। अधिकांश लोकल ट्रेनें 30 मिनट से एक घंटे के विलंब से चल रही है।
छह घंटे देरी से चल रही नई दिल्ली-राजेंद्र नगर विशेष
उधर, नई दिल्ली-राजेंद्र नगर विशेष लगभग छह घंटे के देरी से शाम सवा सात बजे और नई दिल्ली-भागलपुर त्योहार विशेष 5.10 घंटे के विलंब से अपराह्न 3.40 पर रवाना होगी।
इनके अलावा आनंद विहार टर्मिनल से मुजफ्फरपुर सुपरफास्ट विशेष सात घंटे, मुजफ्फरपुर क्लोन एक्सप्रेस चार घंटे और गया क्लोन एक्सप्रेस 2.10 घंटे की देरी से चलेगी।
देरी से चलने वाली लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनें
बेगुसराय-नई दिल्ली हमसफर-सवा नौ घंटे
दानापुर-आनंद विहार टर्मिनल जनसाधारण एक्सप्रेस-साढ़े आठ घंटे
मुजफ्फरपुर-आनंद विहार टर्मिनल सुपरफास्ट विशेष-सात घंटे
डिब्रुगढ़- नई दिल्ली हमसफर-साढ़े पांच घंटे
भागलपुर-नई दिल्ली विशेष-साढ़े चार घंटे
सिलचर-नई दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस-सवा तीन घंटे
अगरतल्ला -आनंद विहार टर्मिनल तेजस राजधानी-तीन घंटे
श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-डा. अंबेडकर नगर विशेष-तीन घंटे
डिब्रुगढ़-नई दिल्ली राजधानी-सवा तीन घंटे
कुच्चुवेली -चंडीगढ़ संपर्क क्रांति -ढाई घंटे
देरी से चलने वाली लोकल ट्रेनें-
होशियारपुर-आगरा छावनी-पौने दो घंटे
पलवल-गाजियाबाद विशेष- डेढ़ घंटे
बुलंदशहर-तिलकब्रिज विशेष-डेढ़ घंटे
मथुरा जंक्शन-नई दिल्ली मेमू-डेढ़ घंटे
पानीपत-गाजियाबाद मेमू-एक घंटा
सहारनपुर-पुरानी दिल्ली ईएमयू-एक घंटा
पानीपत-नई दिल्ली विशेष-एक घंटा
जींद-नई दिल्ली मेमू-एक घंटा
कुरुक्षेत्र-हजरत निजामुद्दीन विशेष-एक घंटा
मथुरा जंक्शन-गाजियाबाद विशेष-45 मिनट
कई फ्लाइट डायवर्ट की गई
कोहरे के कारण एयरपोर्ट पर दृश्यता रही शून्य। वहीं, कोहरे के चलते आठ विमान जयपुर डायवर्ट किए गए हैं। हैदराबाद, बैंगलुरु, चेन्नई और पुणे से आने वाली फ्लाइट भी डायवर्ट की गई। उधर, एक फ्रैंकफुट से दिल्ली आने वाली फ्लाइट भी जयपुर डायवर्ट की गई। बताया गया कि कैट तीन लागू कर दिया था। जिन विमानों में कैट तीन की क्षमता नहीं थी, वह डायवर्ट की गई।
