नई दिल्ली, टेक डेस्क। केंद्र सरकार की तरफ से डिजिटल और टेलिकॉम फ्रॉड को रोकने के लिए एक नोडल एजेंसी बनाई जाएगी, जिसे डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) के नाम से जाना जाएगा। यह एजेंसी कुछ खास तरह की एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी। इसमें फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट और टेलिकॉम सर्विस शामिल होंगी, जो धोखाधड़ी वाली गतिविधियों की जांच करेंगी और वित्तीय धोखाधड़ी वाले मामलों को रोकने की कोशिश करेगी। हालांकि इस एजेंसी को कब तक सेटअप किया जाएगा। फिलहाल इसके बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है।  इस एजेंसी के आने से भारत में डिजिटल फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी।

डिजिटल लेनदेन होगा ज्यादा सिक्योर 

Gadget 360 की रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल फ्रॉड के रोकथाम वाली एजेंसी की स्थापना को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेंशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर रवि शंकर प्रसाद ने बीते सोमवार को इस मामले में एक उच्च स्तरीय बैठक की है। इस बैठक में फेक मैसेज, वॉयस कॉल, परेशान करने वाले मैसेज को लेकर चिंता जताई गई है। इस मीटिंग में टेलिकॉम सेक्रेट्री समेत कई उच्च स्तरीय अधिकारी शामिल हुये हैं। डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट के मिनिस्ट्री ऑफ कम्यूनिकेशन  के अधिकारी ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि स्पेशिफिक टेलिकॉम एनालिटिक्स फॉर फ्रॉड मैनेजमेंट और कंज्यूमर प्रोटेक्शन (TAFCOP) सिस्टम बनाया जाएगा, जो हर एक एरिया में डिजिटल फ्रॉड की पहचान करेगा।

ऐप बेस्ड होगा नया सिस्टम 

सरकार का मानना है कि इस सिस्टम के आने से लोगों का डिजिटल लेनदेन में भरोसा काफी बढ़ जाएगा। बता दें कि इससे पहले टेलिकॉम सेक्टर के फर्जी रोकने के लिए Do not disturb जैसी सर्विस मौजूद है। लेकिन वो आज के वक्त में ज्यादा कारगर नहीं है। ऐसे में सरकार की तरफ से नया सिस्टम लाया जा रहा है। इस सिस्टम के शुरुआती चरण में मोबाइल से होने वाले लेनदेन को ज्यादा सिक्योर बनाया जाएगा। वित्तीय लेनदेन की धोखाधड़ी पर रोक लगाने के मकसद से सकरकार एक बेव या फिर मोाबइल ऐप लेकर आएगी, जो SMS बेस्ड सिस्टम होगा। यह ऐप बेस्ड सिस्टम कमर्शियल कम्यूनिकेशन (UCC) और वित्तीय फ्रॉड के लिए होगा।

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