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यमुना में जहर’ वाले बयान पर हंगामा, केजरीवाल के खिलाफ FIR कराएगी हरियाणा सरकार

 सोनीपत। हरियाणा में यमुना नदी के पानी में जहर मिलाने के बयान के विरूद्ध दायर याचिका की दूसरी सुनवाई पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की तरफ से उनके अधिवक्ता ने जवाब दाखिल किया। अरविंद केजरीवाल दूसरी सुनवाई पर भी कोर्ट में पेश नहीं हुए।

17 फरवरी को पहली सुनवाई में भी नहीं पहुंचे थे केजरीवाल

मामले में अब अगली सुनवाई 31 मई को की जाएगी। मामले में पहली सुनवाई 17 फरवरी को हुई थी। उस वक्त केजवरीवाल की तरफ से आम आदमी पार्टी के लीगल सेल हेड एवं बार काउंसिल आफ दिल्ली के उपाध्यक्ष संजीव नासियार उनकी तरफ से पेश थे।

नासियार ने कोर्ट में कहा कि नोटिस के साथ उनको मामले से जुड़े सबूत नहीं मिले है। इस पर उन्हें सबूत और पैन ड्राइव में मामले से संबंधित वीडियो मुहैया कराई गई थी। जिसके बाद अब केजरीवाल की टीम ऑफ एडवोकेट की तरफ से जवाब दाखिल किया गया है।

केजरीवाल ने यमुना नदी पर क्या बयान दिया था?

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से राई जल सेवा प्रभाग के कार्यकारी अभियंता आशीष कौशिक ने सोनीपत के कोर्ट में केस दायर किया था। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि 28 जनवरी को यमुना नदी से सटे आसपास के गांवों के लोगों की एक भीड़ सिंचाई विभाग के परिसर में एकत्र हुई और पूछताछ करने लगी कि हरियाणा सरकार ने यमुना नदी में जहर क्यों डाला है?

इस जहर से कई लोगों और जानवरों की मौत हो सकती है। जब लोगों से पूछा गया कि उनकी जानकारी का स्रोत क्या है? इस पर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो दिखाई, जिसमें अरविंद केजरीवाल यह बयान देते नजर आ रहे थे कि हरियाणा सरकार ने यमुना नदी के पानी में जहर मिला दिया है। जिसके बाद उनकी तरफ से केस दायर किया गया था।
इस संबंध में सरकारी अधिवक्ता भुवेश मलिक ने बताया कि हरियाणा सरकार ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ याचिका दायर की थी। जिसकी पहली सुनवाई 17 फरवरी को हुई थी। बचाव पक्ष की ओर से नोटिस के साथ सबूत न होने की दलील दी थी। जिस पर उनको कोर्ट के आदेश पर केजरीवाल का वीडियो, पोल्यूशन विभाग की रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज मुहैया करवा दिए गए थे। आज बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया है। वो जवाब के आधार पर आगामी रणनीति तय करेंगे।

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