Home उत्तर प्रदेश मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था अग्रवाल को पहले पीटा, फिर गला घोंटकर मौत...

मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था अग्रवाल को पहले पीटा, फिर गला घोंटकर मौत के घाट उतारा 

उत्तर प्रदेश , अलीगढ :–

कोरोना काल में ऑक्सीजन प्लांट को लेकर सुर्खियों में रहीं स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था अग्रवाल (33) को पहले पीटा गया। फिर गला दबाकर मौत के घाट उतारा गया। इसके बाद उनका शव घटना को आत्महत्या दर्शाने के लिए फंदे पर लटकाया गया था।

बृहस्पतिवार को चार डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में उनकी मौत का कारण गला दबाकर (स्ट्रांगुलेशन) हत्या करना आया है। इधर, इस घटना में आस्था की बहन की तहरीर पर पति अरुण अग्रवाल के अलावा देवर, जेठ व एक दोस्त को नामजद कर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी पति की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मायके पक्ष ने शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार करना तय किया है।

स्वास्थ्य विभाग के इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम में तैनात डॉ. आस्था अपने पति अरुण अग्रवाल संग क्वार्सी क्षेत्र की रमेश विहार कॉलोनी में रहती थीं। दंपती पर 10 वर्षीय बेटा अर्नव व 8 वर्षीय आन्या है। पति अरुण कासिमपुर में राधिका ऑक्सीजन प्लांट चलाता है। पुलिस के अनुसार मंगलवार देर रात से आस्था का अपने मायके पक्ष के लोगों या अन्य किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा था।

उनका पति भी बच्चों को सिविल लाइंस श्याम नगर में अपने बड़े भाई के घर छोड़कर गायब है। बुधवार शाम को आस्था की आगरा में रहने वाली बहन आकांक्षा ने काफी प्रयास के बाद बहन से संपर्क न होने पर आस्था के ड्राइवर मनीष चौधरी को आस्था के घर भेजा। तब पता चला कि बाहर ताला लटका है और अंदर बेडरूम में आस्था का शव फंदे पर झूल रहा है। इस खबर पर पहुंची पुलिस ने ताला तोड़कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। उसी समय आकांक्षा ने हत्या का आरोप मढ़ा था।

देर रात यहां पहुंचकर आकांक्षा ने अपने बहनोई अरुण अग्रवाल के अलावा अरुण के छोटे भाई अनुज व बड़े भाई तरुण अग्रवाल के अलावा पड़ोस में ही रहने वाले दोस्त अर्पित अग्रवाल को नामजद कर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।

इधर, बृहस्पतिवार को चार डॉक्टरों के पैनल क्रमश: डॉ. विशाका माधवी, डॉ. नीरज, डॉ. अनिल व डॉ. हारुन के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में आस्था के शव का पोस्टमार्टम किया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम में साफ आया है कि आस्था को गला दबाकर मारा गया। उसके साथ इससे पहले मारपीट हुई है, जिससे उसके पैरों पर नीले निशान व चेहरे, गर्दन आदि पर भी मारपीट की खरोंच के निशान हैं।

पैनल की रिपोर्ट मिलने के बाद यह प्रकरण साफ तौर से हत्या का हो गया है। माना जा रहा है कि हत्या के बाद शव फंदे पर लटकाकर बाहर से ताला लगाकर पति बच्चों को लेकर गायब हुआ है। देर शाम शव आस्था के छोटे भाई अभिनव को सौंप दिया था। शव को परिवार आस्था के रमेश विहार स्थित घर ले गए। जहां अमेरिका से आ रहे आस्था के बड़े भाई अमित का इंतजार है। उनके आने पर शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

डॉक्टर की मौत के मामले में पोस्टमार्टम में हत्या होना साफ हो गया है। परिवार की ओर से नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस टीमें मुख्य रूप से आरोपी पति को तलाश रही हैं। बाकी सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच व गिरफ्तारी के साथ हत्या की वजह भी साफ हो जाएगी।
– कलानिधि नैथानी, एसएसपी

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Post

5

4

4

3

1

मुख्यमंत्री चौहान से की निवेशकों ने भेंट, प्रदेश में 7,775 करोड़ के नवीन निवेश से मिलेगा 5,350 लोगों को रोजगार

मध्यप्रदेश; मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज निवास पर समत्व भवन में विभिन्न निवेशकों ने भेंट कर निवेश प्रस्तावों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री चौहान ने...

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा छीपानेर में नव-निर्मित पहुँच मार्ग और पुल का आकस्मिक निरीक्षण

दिसम्बर अंत तक पूर्ण करें पहुँच मार्ग 5 जनवरी को पहुँच मार्ग और पुल का होगा लोकार्पण  मध्य-प्रदेश : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को सीहोर...

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सपत्नीक “अनुगूंज कार्यक्रम में शामिल हुए

 मध्य-प्रदेश :- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विद्यार्थियों की स्वाभाविक प्रतिभा को प्रकट करना शिक्षा का उद्देश्य और शिक्षकों का धर्म है।...

गीता जयंती के उपलक्ष्य में कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने श्रीराम तपस्थली में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में भाग लिया।

उत्तराखंड, Rishikesh : गीता जयंती के उपलक्ष्य में कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने श्रीराम तपस्थली में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में भाग लिया। इस...

देवप्रयाग में अलकनंदा झूला पुल पर आवाजाही पूरी तरह से बंद

उत्तराखंड, नई टिहरी।  राजशाही के जमाने में बने अलकनंदा झूला पुल को प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी आखिरकार लोगों की आवाजाही के लिये...