हरिद्वार।

हरिद्वार कुंभ में कोरोना जांच में गड़बड़ी की जांच कर रही टीम को फर्जीवाड़े के पुख्ता सबूत मिले हैं। इस मामले में दर्ज एफआइआर में कुछ नए नाम और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। साथ ही एजांच का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है। इसकी पुष्टि करते हुए जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने बताया कि जांच टीम ने अब तक कोरोना जांच रिपोर्ट में दर्ज 50 हजार से अधिक मोबाइल फोन नंबरों का सत्यापन कर लिया है, बाकी नंबरों के सत्यापन का काम तेजी से जारी है।

शासन के निर्देश पर सीडीओ की अध्यक्षता वाली जांच समिति की जांच अपने अंतिम चरण में है। जल्द ही समिति की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। बताया जा रहा है कि इस मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले कुछ नाम सामने आने पर उनसे भी पूछताछ की गई। इसी दौरान गुजरात निवासी एक युवती का नाम भी इस मामले में सामने आया है।

बताया गया कि उसने कुंभ मेले से पहले हरिद्वार में डेरा जमा लिया था। वह सारा समय मेला भवन में मौजूद रहती थी। आरोप है कि वह अपनी पहुंच का फायदा उठा कंपनियों को मेले में काम दिलाने में सहयोग करती थी। युवती की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इसी तरह कुछ अन्य बड़े नाम भी सामने आए हैं, उनकी भूमिका की जांच चल रही है। सबूत मिलने पर उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने बताया कि अब तक की जांच में इस बात के सबूत हाथ लगे हैं, जो बताते हैं कि फर्जीवाड़ा हुआ है। जांच सही दिशा में चल रही है, जल्द जांच खत्म होगी, निष्कर्ष चौंकाने वाले होंगे।

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