Monday, September 26, 2022
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उत्तराखंड विस सत्र : 5720.78 करोड़ का अनुपूरक बजट पास

देहरादून :

उत्तराखंड विधानसभा में बुधवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए धामी सरकार ने 5720.78 करोड़ रुपये का अपना पहला अनुपूरक बजट पास कराया। विभागवार अनुदान मांगों को पास कराने के बाद सरकार ने सदन में उत्तराखंड विनियोग (2021-22 का अनुपूरक) विधेयक 2021 को भी ध्वनमित से पारित किया गया। मंगलवार को पटल पर आए छह में से तीन विधेयकों को भी सदन की मंजूरी मिली।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सदन में अनुपूरक बजट पेश किया था। बुधवार को अनुपूरक अनुदान मांगों पर विभागीय मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की मांगें सदन के पटल पर रखीं और उन्हें पारित कराया। संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत ने अपने विभागों के अलावा मुख्यमंत्री के विभागों की अनुदान मांगें पटल पर रखीं।

संसदीय कार्यमंत्री ने अनुदान मांगें पारित होने के बाद उत्तराखंड विनियोग (2021-22 का अनुपूरक) विधेयक सदन पटल पर रखने की अनुज्ञा ली और इसे पटल पर रखा। इसके बाद इसे ध्वनिमत से पारित करा दिया गया। बगैर किसी चर्चा के आईएमएस यूनिसन विवि (संशोधन) विधेयक 2021, डीआईटी विवि (संशोधन) विधेयक, 2021 व  उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2021 भी पास हो गए।

प्राइवेट बिल सदन में रखने की नहीं मिली इजाजत

कांग्रेस विधायक मनोज रावत उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश जमींदारी और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950)(संशोधन) विधेयक और हरीश धामी उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन कानून को समाप्त करने के लिए निरसन असरकारी(प्राइवेट) विधेयक लेकर सदन में आए। लेकिन उनके विधेयकों को सदन में रखने की अनुज्ञा नहीं मिली।

अनुपूरक बजट में खास

राजस्व मद में 2990.53 करोड़
पूंजीगत मद में 2730.25 करोड़
केंद्र पोषित योजना 3178.87 करोड़
वाह्य सहायतित  56 करोड़
विभाग वार बजटीय प्रावधान
विभाग                                               बजट (हजार रुपये में)
राजस्व व सामान्य प्रशासन                             542306
वित्त, कर नियोजन, सचिवालय व अन्य सेवाएं    19476302
आबकारी                                                    18300
पुलिस एवं जेल                                              28091
शिक्षा, खेल युवा कल्याण व संस्कृति                  2478135
चिकित्सा एवं परिवार कल्याण                          4901521
जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास                    5799678
सूचना                                                          144000
कल्याण योजनाएं                                            3788149
श्रम व रोजगार                                               257403
कृषि कर्म एवं अनुसंधान                                  480610
सहकारिता                                                   11089
ग्राम्य विकास                                                7541982
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण                                  449887
ऊर्जा                                                           560
लोक निर्माण विभाग                                       2601400
ऊद्योग                                                         1103614
परिवहन                                                       1445600
खाद्य                                                            1050
पर्यटन                                                          451220
वन                                                              1669336
पशुपालन संबंधी कार्य                                      193414
औद्योगिक विकास                                           350756
अनुसूचित जातियों का कल्याण                           2335752
अनुसूचित जनजातियों का कल्याण                      940544
मंत्रिपरिषद                                                      8500
न्याय प्रशासन                                                  188085
निर्वाचन                                                           519

बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष का सदन से वॉकआउट

प्रदेश में बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। जबकि सरकार का कहना है कि उन्होंने न केवल रोजगार दिए हैं बल्कि स्वरोजगार के तहत भी तमाम योजनाओं के माध्यम से युवा लाभान्वित हो रहे हैं।

बुधवार को कार्य स्थगन के तहत नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने प्रदेश में बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीएमआईई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की दर 22.3 प्रतिशत है। 2017 में जिस डबल इंजन की सरकार ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, वह वादा भूल गई। मनरेगा कर्मी, स्वास्थ्य विभाग में 108 कर्मचारी, पंचायतों के कर्मचारियों आंगनबाड़ी, आशा, ग्राम प्रहरी आदि को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि हालात बदतर हैं। तीन सीएम आ गए लेकिन युवाओं को रोजगार नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि परिवहन निगम में कर्मचारियों का चयन आयोग करके दे रहा है लेकिन निगम उन्हें नियुक्ति ही नहीं दे रहा है। न केवल केंद्र बल्कि राज्य में सरकार रोजगार देने में विफल हुई है। विधायक राजकुमार ने कहा कि बेरोजगारी पहले से सिर पर थी, ऊपर से अब प्रवासियों को भी सरकार कोई रोजगार उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हुई है। विधायक फुरकान ने भी बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। विधायक ममता राकेश ने कहा कि हरिद्वार जिले में सेवायोजन विभाग के माध्यम से चार युवाओं को ही तीन साल में रोजगार मिला है।

इस पर मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि हमारे प्रदेश में चपरासी और बाबू की नौकरी की जो परंपरा और और सोच है, उसे बदलना होगा। हर किसी को सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती है। लिहाजा, स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाने होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में अब तक 8674 नौकरियां दी हैं। करीब 12 हजार पदों पर भर्ती के अधियाचन(सिफारिश) संबंधित भर्ती एजेंसियों को भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज 88 प्रतिशत पैसा केवल वेतन, पेंशन आदि पर ही खर्च हो रहा है।

प्रदेश के विकास में केवल 12 प्रतिशत का ही इस्तेमाल हो रहा है। लिहाजा, उनकी सरकार ने स्वरोजगार की दिशा में काम किया है। स्ट्रीट वेंडर योजना, मनरेगा, कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राज्य पोषित कौशल विकास योजना, दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना, मोटरसाइकिल योजना, कृषि योजना, प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना, नर्सरी विकास योजना, रेशा विकास योजना, उद्योग योजना के तहत स्वरोजगार से लाखों युवाओं को लाभान्वित किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, एकल खिड़की स्वरोजगार योजना, पशुपालन, कुकुट विकास, गौ पालन, बकरी पालन,  वैकल्पिक ऊर्जा, चाय बागान आदि योजनाओं से भी हजारों युवा लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, पंचायत मंत्री अरविंद पांडेय ने भी डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि कर्मचारियों को दोबारा काम देने का आश्वासन दिया। सेवायोजन मंत्री हरक सिंह रावत के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

15833 पद खाली तो 22 हजार कहां से भरोगे: प्रीतम

नेता प्रतिपक्ष ने सदन में कहा कि सरकार आज कह रही है कि 22 हजार पद भरेंगे, लेकिन जो सूचना उन्होंने प्राप्त की है, उसके अनुसार विभिन्न विभागों में केवल 15833 पद हैं।  इसके जवाब में कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उनके पास केवल 32 विभागों की सूचना है।

 

 

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