Breaking News
क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने पीएम मोदी के देवभूमि आगमन पर किया अभिनंदन
कांग्रेस की कमजोर सरकार सीमा पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बना पाई – प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे – धामी
मैदान का फाइनल ट्रेलर जारी, भारतीय फुटबॉल टीम के कोच के किरदार में दमदार लगे अजय देवगन
उत्तराखण्ड के 5892 पोलिंग स्टेशन में वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी
बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के वोट संग आठ अप्रैल से शुरु होगी लोकतंत्र के महापर्व की शुरुआत
केदारनाथ यात्रा में क्यूआर कोड के माध्यम से होगी प्लास्टिक पैकिंग पेय व खाद्य पदार्थाें की बिक्री
एसजीआरआरयू के योग छात्र सुमेर ने राष्ट्रीय योग चैम्पियनशिप में लहराया परचम
सीमान्त गांव में सीएम ने ग्रामीणों से की भाजपा को जिताने की अपील

राज्यपाल ने राष्ट्रपति को भेजा यूसीसी विधेयक, मुहर लगने के बाद राज्य में लागू हो जाएगा कानून

देहरादून। राज्यपाल ने यूसीसी विधेयक राष्ट्रपति को भेजा है। राजभवन ने इस पर विचार करने के बाद विधायी विभाग को भेजा था। विधायी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया है। चूंकि यह संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए बिल अनुमोदन के लिए राज्यपाल से राष्ट्रपति को भेजा गया। विधानसभा से यूसीसी बिल पास होने के बाद इसे राजभवन भेजा गया। इस पर राष्ट्रपति भवन को फैसला लेना है। वहां से मुहर लगने के बाद राज्य में कानून लागू हो जाएगा। उत्तराखंड के बाद असम की भाजपा सरकार यूसीसी बिल विधानसभा में सबसे पहले पेश कर सकती है। राजस्थान सरकार भी यूसीसी लाने का एलान कर चुकी है।

विधेयक में सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक कानून का प्रावधान है। महिला-पुरुषों को समान अधिकारों की सिफारिश की गई है। अनुसूचित जनजातियों को इस कानून की परिधि से बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि, देश के पहले गांव माणा में संवाद से ड्राफ्ट समिति ने इसकी शुरुआत की थी। उन्होंने अब अन्य राज्यों को भी इस दिशा में प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा, जिस प्रकार गंगा सबके लिए सुखदायी है, वैसे ही यूसीसी भी मातृशक्ति व पूरे समाज के लिए सुखद होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top